बिहार विधानसभा चुनावों की सुगबुगाहट के बीच अब दलों में दरार की खबरें आनी शुरू हो गई है। इस बार यह खबर महागठबंधन से नही बल्कि सत्ताधारी एनडीए गठबंधन से आई है। इस खबर के मुताबिक मुख्यतः जदयू-बीजेपी-लोजपा का यह गठबंधन टूट सकता है। स्थिति स्पष्ट होने में आज शाम तक या एक दो दिन का वक़्त लग सकता है।

दलों के बीच चुनावी समय मे यह दूरी नई नही है। खबर तो यह भी है कि जीतनराम मांझी- नीतीश कुमार एक साथ आ सकते हैं। आपको यह ज्ञात रहे कि इससे पहले एनडीए के हिस्सा उपेंद्र कुशवाहा की रालोसपा भी थी लेकिन 2019 लोकसभा चुनावों से पहले वह गठबंधन से दूर हो गए थे।

अब विधानसभा चुनावों से पहले लोक जनशक्ति पार्टी ने अपने तेवर कड़े कर दिए हैं। गाहे-बगाहे यूँ तो चिराग पासवान और उनके पिता रामविलास पासवान नीतीश पर हमलावर होते रहे हैं लेकिन हाल के दिनों में जिस तरह की तल्खी बढ़ी है उससे इस बात की उम्मीद कम है कि आने वाले समय मे यह दोनों दल साथ रह सकेंगे। इस बीच दिलचस्प यह है कि बीजेपी तटस्थ है और कुछ भी बोलने कहने से बच रही है। 

खबर यह भी है कि चिराग पासवान नीतीश सरकार से समर्थन वापस लेने का ऐलान कर सकते हैं। आज लोजपा की हाई लेवल मीटिंग पटना में चल रही है। इससे पहले कल शाम चिराग पासवान पटना लौट आए हैं और पटना लौटने से पहले उन्होंने दिल्ली में बीजेपी अध्यक्ष जगत प्रकाश नड्डा से भी मुलाकात की थी।

गौरतलब है कि इससे पहले चिराग और रामविलास दोनो ही नीतीश पर बाढ़ और कोरोना के मुद्दे पर हमला बोल चुके हैं। नीतीश जहां चुनाव समय से कराने की बात कहते आये हैं वही चिराग इसे उलट टाले जाने के पक्षधर रहे हैं। यह विवाद रामविलास के उस बयान के बाद और गहरा गया जिसमें उन्होंने चिराग पासवान को सीएम के रूप में प्रोजेक्ट करने से जुड़ी बात कही थी। चिराग नीतीश सरकार की विफलताओं पर उन्हें चिट्ठी लिख चुके हैं।

नीतीश कुमार के करीबी और सांसद ललन सिंह के बयान ने भी आग में घी का काम किया था। उन्होंने अपने बयान में कहा था कि चिराग पासवान कालिदास हैं। जिस डाल पर वह बैठे हैं उसी को काट रहे हैं। उनके इस बाद से ही एलजेपी के तेवर और बागी हो गए। अब देखना है आने वाले समय मे एलजेपी का क्या रुख होता है।

इतना स्पष्ट है कि अगर एलजेपी एनडीए गठबंधन से अलग होती है और बिहार की नीतीश सरकार से समर्थन वापस लेती है तो भी वह बीजेपी के साथ रहेगी। ऐसे में समीकरण यह बन सकता है कि पासवान बीजेपी उम्मीदवारों के खिलाफ कोई उम्मीदवार न दें और अन्य दलों के खिलाफ उतारें। 

इन सब विवाद के बीच जब पटना में चिराग आसवन से पूछा गया कि आज इस अचानक बुलाई गई मीटिंग का एजेंडा क्या है तो उन्होंने कहा बिहार में बाढ़ और कोरोना महामारी जैसे बहुत मुद्दे हैं उसी सिलसिले में यह बैठक बुलाई गई है। 

वहीं नेता प्रतिपक्ष और आरजेडी नेता तेजस्वी यादव ने इस बाबत पूछे जाने पर कहा कि यह उनका आपसी मामला है। इसमें मेरा पहले ही कुछ बोलने उचित नही होगा। हालांकि उन्होंने यह जरूर जोड़ा की ऐसा कोई सगा नही जिसे नीतीश ने ठगा नही।