चीन के वुहान शहर से निकल कर पूरी दुनिया को अपनी जद के लेने वाले कोरोना वायरस को लेकर हर दिन कुछ नए खुलासे हो रहे हैं। कभी इसके नए रूप में भयावहता की बात होती है तो कभी इससे निपटने के लिए वैक्सीन बनाने की, हालांकि इन सब खबरों के बीच एक शोध में जो दावा किया गया है वह आपके होश उड़ा देगा।

कोरोना के केंद्र वुहान से जो खबर आई है वह डरावनी है। वुहान विश्वविद्यालय के झोंगनन अस्पताल में हुए एक शोध में यह दावा किया गया है कि कोरोना से पीड़ित हुए मरीजों के फेफड़े खराब हो गए हैं। शोध में कुल शामिल लोगों में से 90 फीसदी लोगों के फेफड़े जहां बुरी हालत में हैं वहीं 5 फीसदी लोग ठीक होने के बाद दुबारा इसकी चपेट में आ गए। 

वुहान विश्वविद्यालय के झोंगनन अस्पताल की गहन देखभाल इकाई के निदेशक पेंग झियोंग के नेतृत्व में एक दल अप्रैल से ही ठीक हो चुके 100 मरीजों को फिर से मिलकर उनके स्वास्थ्य की जांच कर रहा है। यह शोध एक साल तक चलेगा, इसी का पहला चरण जुलाई में समाप्त हुआ और इसके आंकड़े अब चिंता का सबब बन गए हैं।

हालांकि इस बात से थोड़ी राहत महसूस की जा सकती है कि इस शोध में 59 से 65 आयुवर्ग के लोग शामिल हुए। शोध में पीड़ितों के चलने की क्षमता, न्यूक्लिक एसिड का माप, हवा और गैस के प्रवाह की स्थिति, कोरोना एंटीबाडी समेत कई विषयों को आधार बनाकर नतीजे निकाले गए हैं।