रक्षा मंत्रालय ने पहले माना चीन ने की घुसपैठ, बाद में हटाए दस्तावेज

इस डॉक्यूमेंट में चीनी सैनिकों के घुसपैठ की बात भी स्वीकार की गई थी। हालांकि अब इस दस्तावेज को दुबारा वेबसाइट से हटा लिया गया है।

भारत-चीन के बीच लद्दाख इलाके में तनातनी के बाद से ही लगातार यह सवाल विपक्ष के साथ साथ मीडिया और आम लोग भी अलग-अलग माध्यमों से उठाते रहे हैं कि क्या चीन ने भारतीय सीमा में घुसपैठ की है? खास कर कांग्रेस नेता राहुल गांधी इस मुद्दे पर खासे आक्रामक नजर आए लेकिन सरकार की तरफ से हर बार यही जानकारी दी गई कि चीन की तरफ से कोई घुसपैठ नही हुई?

आज इस जवाब पर मतभेद तब बढ़ गया जब रक्षा मंत्रालय की वेबसाइट पर इससे संबंधित दस्तावेज अपलोड किए गए। इस डॉक्यूमेंट में चीनी सैनिकों के घुसपैठ की बात भी स्वीकार की गई थी। हालांकि अब इस दस्तावेज को दुबारा वेबसाइट से हटा लिया गया है। इस डॉक्यूमेंट पर आधारित खबरों की माने तो मई महीने से लेकर अभी तक चीन लगातार आक्रामक रुख अपना रहा है और उसका अतिक्रमण भी बढ़ता जा रहा है। इस दस्तावेज के मुताबिक गलवान घाटी पांगोंग त्सो गोगरा हॉट स्प्रिंग जैसे क्षेत्रों में घुसपैठ की घटना हुई है।

अतिक्रमण की सर्वाधिक घटनाएं कुंगरांग नाला,गोगरा और पैंगोंग त्सो झील के उत्तरी इलाके में हुई। हालांकि इससे पहले 5 और 6 मई को ही पैंगोंग त्सो इलाके में भारत और चीन की सेना के बीच झड़प हुई थी। इस दस्तावेज के जारी होने और अब हटा लेने के बाद लोकप्रिय कवि और आप के पूर्व नेता कुमार विश्वास ने सरकार पर तीखा हमला बोलते हुए सच्चाई देश को बताने की अपील की है। 

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