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भारत ही नही बल्कि पूरी दुनिया में कई वजहों से एक नाम बड़े अदब और इज्जत के साथ लिया जाता है। वह बच्चों के प्रिय, नेताओं के लिए प्रेरणाश्रोत, युवाओं के लिए आदर्श,वैज्ञानिकों के लिए मिसाल और हर इंसान के लिए एक सम्बल थे,आज भी हैं और युग-युगांतर तक रहेंगे। जी हां यह नाम है भारत के पूर्व राष्ट्रपति और मिसाइल मैन डॉ अब्दुल पाकिर जेनुलाबद्दीन अब्दुल कलाम का। यह नाम है भारत को आकाश से ऊपर ले जाना वाला,यह नाम है शोहरत की बुलंदियों पर बैठ कर भी जमीन से जुड़े रहने वाला,यह नाम है देश के पूर्व महामहिम और प्रथम राष्ट्रपति रहने वाले व्यक्ति का, यह वह नाम है जिसके बारे में लिखने को शब्द और किस्से कम पड़ जाते हैं।

सुदूर दक्षिण भारत के रामेश्वरम के एक छोटे से गांव से निकलकर भारत को परमाणु शक्ति सम्पन्न बनाने वाले इस नाम यानि डॉ कलाम की आज चौथी पुण्यतिथि है। कृतज्ञ राष्ट्र उन्हें याद कर रहा है। उनसे जुड़े किस्से और कहानियां शेयर की जा रही हैं। कलाम हर किसी के थे। वह गरीबों के थे, बच्चों के थे,वैज्ञानिकों के थे,किसानों के थे,विद्यार्थियों के थे। यह नाम है भारत को परमाणु सम्पन्न राष्ट्र बनाने वाला,यह नाम है भारत को अग्नि,नाग जैसी न जाने कितनी मिसाइलें देने वाला,यह नाम है चंद्रमा पर भारत भी जा सकता है यह न सिर्फ कह दिखाया बल्कि कर दिखाने वाला,यह वह नाम है जिसकी जिंदगी महज कुछ सेट कपड़ों और कुछ किताबों में सिमटी थी। जो सादगी के प्रतिमूर्ति थे। 
अब बड़ा सवाल यह कि कलाम न होते तो भारत का क्या होता? इसका जवाब बहुत सरल है। शायद आज भारत अंतरिक्ष के मामले में इतना सम्पन्न न होता। शायद हमारे लिए आज भी “चंदा मामा दूर के होते।” शायद हमें चंद्रयान 2 की बातें सुन ताली पीटने और गर्व करने का मौका न मिलता। शायद हम अमेरिका की परमाणु सम्पन्न न बनने की धमकी से डरे सहमे बैठे होते। शायद अग्नि, नाग,त्रिशूल जैसी मिसाइलें किस्से और कहानियों में होते। शायद इसरो और डीआरडीओ इस मुकाम पर न होते। शायद होमी जहागीर भाभा का सपना पूरा न होता। इसके अलावा न जाने कितने काश और शायद इस सवाल के जवाब होते। लेकिन ऐसा नही है। क्योंकि हमारे पास कलाम थे। जिनके निधन पर पूरा देश रोया था।

इसलिए कहते हैं और कहते रहेंगे कलाम सब के थे और भारत को न जाने कितनी बड़ी विरासत महज कलाम साहब की बदौलत ही मिली है। आज हम आगे बढ़ रहे हैं लेकिन यह सपना उस दूरद्रष्टा ने ही दिखाया था। उनका कहना भी था सपने वो नही होते जो हम सोते हुए देखते हैं, सपने वो होते हैं जो हमें सोने नही देते हैं। नमन है कलाम साहब। आप हमेशा प्रेरणा के बड़े श्रोत रहेंगे।

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