तीन महीने से ज्यादा वक़्त से ठहरी हुई जिंदगी और कोरोना के इस दौर ने इंसान को चिड़चिड़ा बना दिया है। आज इंसान छोटी-छोटी बातों पर मारने और मरने को उतारू है। आज समस्याओं का समाधान ढूंढना सबसे मुश्किल और मौत को गले लगाना या आत्महत्या जैसे कदम उठाना ज्यादा सहज बनता जा रहा है। आज हम खुद के दुश्मन बन बैठे हैं, छोटी से छोटी चीज पर नाराज हो जाते हैं, मान बैठते हैं कि सब खत्म हो गया, अब कुछ अच्छा नही हो सकता लेकिन ठहरिए सोचिए, कुछ आदतों को बदलिए फर्क आपको खुद दिखेगा और ऐसी सोच से आप खुद ब खुद बाहर निकल आएंगे-

1. अपने लिए समय निकालें-
अपने लिए समय निकालने से मतलब कुछ अलग से करना नही है। अपने लिए का मतलब परिवार, दोस्त या खुद अकेले के लिए। इस दौरान जो आपको अच्छा लगे वह करें। जिससे आपको हल्का महसूस हो वह करें।यकीन मानिए यह आपके स्ट्रेस को दूर करने की संजीवनी साबित होगा।


2. योग करें-
योग का प्रचलन पूरी दुनिया मे बढ़ा है ऐसे में इसके फायदे बताने की जरूरत नही। हर दिन कुछ मिनट किया गया योग आपको मानसिक तौर पर मजबूत बनाएगा और आपके दिमाग को शांत रखने में मददगार होगा।


3. बातों को साझा करना सीखें-
हमारे करीब कोई न कोई ऐसा होता है जिसे हम अपनी हर बात बता सकते हैं। ऐसे में अपनी समस्याओं को साझा करना और दूसरी की सलाह सुनने की आदत डालें। साझा करने से मन का बोझ हल्का होगा और हो सकता है इससे निपटने के उपाय भी मिल जाएं।


4. किताब पढ़ें-
हमारे हर सवाल का जवाब कहीं न कहीं है। बस उसे ढूंढने की जरूरत है। इसके लिये किताबों से बेहतर शायद कुछ नही। आप कहीं भी एकांत में बैठ कुछ अच्छी किताबों से गुजरे आपको यकीनन आपकी समस्या का समाधान मिलेगा और न भी मिला तो स्ट्रेस तो कम होगा ही।


5. सामाजिक बनें-
सामाजिक बनने से तात्पर्य लोगों के बीच बोलने-बैठने से ही नहीं है। खुद को व्यस्त रखें, अलग-अलग लोगों की अलग अलग बातें आपकी समस्या को न सिर्फ छोटी साबित करेंगी बल्कि हो सकता आपकी समस्या का समाधान भी मिल जाये। और अगर आप घूमने के शौकीन हैं तो यह आपके लिए सबसे बढ़िया स्ट्रेस बस्टर साबित होगा। इन आदतों को अपना के देखिए यकीनन आप अच्छा महसूस करेंगे, हालाँकि कोरोना के इस दौर में सरकारी गाइडलाइन्स का पालन जरूर करें।

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