भारतीय सेना पिछले एक साल से एक मिशन पर है। यह मिशन है देश की सुरक्षा और आतंकियों को ठिकाने लगाने के साथ कश्मीर में शांति बहाली का, इसे नाम दिया गया है आपरेशन क्लीन स्वीप। इस आपरेशन के शुरुआत से लेकर अब तक सैकड़ों आतंकियों को सेना ने ठिकाने लगा दिया है। सेना का यह रौद्र रूप आज तब देखने को मिला जब दशक के सबसे बड़े आपरेशन में सेना ने 11 आतंकियों को मार गिराया। अब तक ऐसे आपरेशन देखने को नही मिले थे। यह इसलिए भी खास है क्योंकि सेना को इस दौरान कम नुकसान भी उठाना पड़ा इसके बावजूद दुखद यह है कि तीन जवान शहीद हो गए और 30 नागरिक घायल हैं।

कश्मीर में तीन अलग-अलग मुठभेड़ के दौरान सेना की इस कार्रवाई में यह आतंकी ढेर किये गए। आज तक सेना को खुली छूट देने की बात की जाती रही थी। लेकिन यह देखने को इससे पहले शायद ही मिला था। आज जो हुआ वह इसलिए भी पहले से अलग था क्योंकि इस दौरान जब पत्थरबाजी आतंकियों की ढाल बन सेना के लिए चुनौती बन तो भी सेना ने कोई संदेह या हिचकिचाहट दिखाए बिना अपने मिशन को पूरा किया।

इसके लिए सेना को बल प्रयोग करना पड़ा। पत्थरबाजों से निपटने में पहले ढील देती आई सेना ने पहले के अनुभव से सिख लेते हुए इस बार कोई रिस्क नही लिया और खदेड़ कर आतंकियों को ठिकाने लगाया। सेना की इस कार्रवाई में दो नागरिकों की मौत की खबर है जो पत्थरबाजों की भीड़ में शामिल थे। सेना की इस कार्रवाई से आतंकियों और पत्थरबाजों को न सिर्फ जवाब मिला है बल्कि हड़कंप मच गया है। सेना को बधाई, शहीदों को नमन और श्रद्धांजलि।