2019 के लोकसभा चुनावों का ऐलान इस महीने के अंत तक या फरवरी में हो सकता है। यह चुनाव देश की तस्वीर और तकदीर तय करेंगे। तस्वीर इसलिए क्योंकि यह चुनाव जनता को 2014 में बीजेपी द्वारा किये गए वादे और पूरे किए गए वादे पर होंगे और तकदीर इसलिए क्योंकि इस बार बीजेपी के खिलाफ वह तमाम दल होंगे जो किसी मुद्दे या विज़न की वजह से नही बल्कि अपनी साख और राजनीति बचाये रखने के लिए कहीं न कहीं दलगत राजनीति और जातिगत राजनीति को याद कर साथ होंगे।


खैर यह हमारे देश मे कोई मुद्दा है ही नही। हमारा देश इस राजनीति का आदि हो चुका है। ऐसा दावे के साथ कहा जा सकता है कि देश के अंदर कोई भी राजनीतिक रैली किसी एजेंडे पर नही होती, किसी नेता की छवि पर नही होती, किसी मुद्दे पर नही होती बल्कि जनता या तो हेलीकॉप्टर देखने आती है या लोकलुभावन जातिगत भाषण सुनने। यकीन न हो तो किसी पुरानी रैली या सभा का वीडियो और फुटेज देखें। हालांकि अब अगर 2019 लोकसभा की बात करें तो बीजेपी के अलावा कांग्रेस और महागठबंधन भी मैदान में है। कांग्रेस अलग थलग है लेकिन दम्भ भर रही है, वहीं क्षेत्रीय दल अलग-अलग राज्य, मुद्दे, नेता के भरोसे सत्ता के शीर्ष पर पहुंचने का ख्वाब बुन रहे हैं। इन बातों को फिलहाल किनारे रखते हैं और बात करते हैं मुद्दे की, बात दरअसल कुछ ऐसी है जिसने कांग्रेस के खेमे में हड़कंप मचा दिया है।


बीजेपी की एक चाल ने चुनावों से पहले कांग्रेस को कुछ इस कदर मजबूर कर दिया कि उसके एक बड़े नेता आनंद शर्मा ने प्रेस कॉन्फ्रेंस कर कह दिया कि बेशक इस मामले में बीजेपी हमसे आगे है, लेकिन अगला चुनाव कांग्रेस जीतेगी। खैर मुद्दे की बात यह है कि बीजेपी ने आने वाले लोकसभा चुनाव को मद्देनजर रखते हुए चुनावों से पहले ही सभी चार्टर्ड प्लेन और हेलीकॉप्टर की बुकिंग कर ली है। कांग्रेस को ढूंढने पर भी हेलीकॉप्टर और जहाज के लाले पड़े हुए हैं। इसके अलावा यहां यह बताना भी जरूरी है कि कांग्रेस फंड की कमी से जूझ रही है। ऐसे में आनंद शर्मा का यह दावा खोखला नजर आता है कि संसाधनों की कमी के बावजूद भी कांग्रेस 2019 के चुनावों में बीजेपी को टक्कर दे पाएगी। बाकी सब समय के गर्व में है।