भारत में मोदी से हारी कांग्रेस तो लंदन में रची ईवीएम हैक की साजिश, पढ़ें

कांग्रेस का कमिटी बनाना और उसके दो दिन के अंदर यह बयान आना, कपिल सिब्बल का इस पिसी में मौजूद होना। यह बड़ी साजिश नजर आती है।

भारत की राजनीति में भूचाल मचाने वाली एक खबर आज शाम को टेलीविजन पर ब्रेकिंग न्यूज़ बने धड़ाधड़ दौड़ रही थी। यह खबर सुदूर विदेशी जमीन से आई। यह खबर पुरानी थी लेकिन आज के ताजा माहौल में उसकी अहमियत उस बासी रोटी से ज्यादा थी जो किसी भूखे का सहारा चार दिन बाद भी बनने की कुव्वत रखती है। खैर, यह खबर थी 2014 लोकसभा चुनावों से और बीजेपी से जुड़ी हुई। इस खबर के मुताबिक एक हैकर ने ब्रिटेन में बैठ कर यह दावा किया कि 2014 के लोकसभा चुनावों के दौरान बीजेपी के लिए उसने ईवीएम हैक की थी। यह नतीजे बीजेपी के पक्ष में रहे। उसने दावा यह भी किया कि दिल्ली विधानसभा चुनावों के दौरान उसने आम आदमी पार्टी के लिए ईवीएम हैक की थी। दावे के मुताबिक बीजेपी के बड़े नेता गोपीनाथ मुंडे ने इस काम के लिए उनसे संपर्क किया था। हैकर के बयान के मुताबिक इसी वजह से शायद गोपीनाथ मुंडे की तथाकथित हत्या हो गई?

गौरतलब है कि गोपीनाथ मुंडे का 2014 में सरकार बनने के कुछ दिनों बाद ही एक रोड एक्सीडेंट में निधन हो गया था। खास बात यह भी है कि हैकर अमेरिका का है, प्रेस कॉन्फ्रेंस लंदन में हुई, इसके आयोजक भारतीय थे और इस दौरान खासतौर पर कांग्रेस के वरिष्ठ नेता कपिल सिब्बल मौजूद थे। यह अपने आप मे बड़ा सवाल है? गाहे बगाहे कांग्रेस और आप जैसे दल ईवीएम को लेकर सवाल उठाते रहे हैं। अभी कुछ दिनों पहले इससे जुड़ी एक कमिटी भी बनाई गई थी जो ईवीएम के खिलाफ चुनाव आयोग जाकर शिकायत दर्ज कराएगी। हालांकि यह समझ से परे है कि देश के सबसे पुराने दल की समझ तकनीक के मामले में क्या इतनी पीछे है? क्या उसे हैकिंग का पता नही? क्या उसने भी हाल के चुनावों में जीत इसी भरोसे हासिल की है? क्या यह एक साजिश है? क्या राहुल की छवि को चमकाने के यह एक हथकंडा है जिसे विदेशी धरती से अंजाम दिया जा रहा है? यह तमाम सवाल आज सोशल मीडिया सहित हर जगह पूछे जा रहे हैं। इस तथाकथित दावे को भारतीय मीडिया भी चटकारे लेकर प्रस्तुत करने में जुटा है।

आप और हम इस दावे को एक बार सच भी मान लेते हैं। माना कि ईवीएम हैक हुई थी। तो कांग्रेस यह भी बता दे कि वह ऐसी मशीन लेकर आई क्यों? कांग्रेस यह बता दे कि उसके युवराज का भविष्य इन्ही मनगढ़ंत आरोपों के भरोसे है? कांग्रेस का कमिटी बनाना और उसके दो दिन के अंदर यह बयान आना, कपिल सिब्बल का इस पिसी में मौजूद होना। यह बड़ी साजिश नजर आती है। खैर इन सबसे बड़ा सवाल हैकर चुनावों के एन पहले क्यों सामने आया, आज तक किस वजह से चुप था? वह न भारत मे था न अपने मूल देश अमेरिका में फिर किस बात का डर था? चलो माना डर था लेकिन कपिल सिब्बल के सामने ऐसा क्यों? फर्ज़ीवाड़े को समझिए? अभी ऐसा बहुत कुछ सामने आएगा।

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