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विधानसभा चुनाव में मिली हार के बाद बीजेपी अब डैमेज कंट्रोल में जुटी है। यह हार इसलिए ज्यादा दुखद है क्योंकि पिछले विधानसभा और 2014 लोकसभा में बीजेपी यहां सबसे ज्यादा सीटें जीती थी। वहीं इस बार हुए विधानसभा चुनाव में पार्टी के हाथ मायूसी लगी है। न सिर्फ राज्य सरकारें बदल गई बल्कि 2019 से पहले बीजेपी के लिए चेतावनी भी दे गईं की आने वाला वक़्त कठिन है। यह सब हुआ कांग्रेस के महज एक दांव से। वह दांव था किसान कर्जमाफी का।


किसान कर्जमाफी का जो फार्मूला बीजेपी ने यूपी में आज़माया और सत्ता पाई उसी के हथियार के सहारे कांग्रेस ने अब बीजेपी को पटखनी दे दी। अब यह वक़्त बीजेपी के लिए मुश्किल है। केंद्र सरकार अब योजना बनाने में लगी है। कुछ बड़े खबरिया चैनलों की मानें तो मोदी सरकार जल्द ही बेरोजगारों, किसानों और व्यापारियों के साथ महिलाओं कप साधने के लिए कुछ बड़े फैसले ले सकती है।


कहा तो यहां तक जा रहा है कि आने वाले समय मे मोदी सरकार एक तय रकम हर वर्ग के बेरोजगार जिनके पास कोई भी कमाई या जीवनयापन का जरिया नही है उन्हें दे सकती है। इस फैसले से पहले बैठकों का दौर जारी है। पहली बैठक जहां मोदी की अगुवाई में अमित शाह और अरुण जेटली के साथ हुई वहीं दूसरी बैठक में कृषि मंत्री राधामोहन सिंह सहित कई अन्य नेता भी शामिल हुए। कयासों का दौर जारी है। साथ ही इस खबर की पुख्ता तौर पर बात करें तो यह अभी तक आई जानकारी के मुताबिक सही है। कुल मिलाकर आने वाले वक्त में बेरोजगारी भत्ता की तर्ज पर हर वर्ग को राहत देने वाली कोई योजना जल्द आ सकती है।