राजनीति में कोई किसी का दोस्त या दुश्मन नही होता यह हम सभी जानते और मानते हैं। भारतीय राजनीति खास कर यूपी और बिहार में इज़के चरितार्थ होने के कई किस्से राजनीतिक गलियारों में आज भी चटकारे लेकर सुने जाते हैं। एक बार फिर 2019 के लिए बिसात बिछाई जाने लगी है। जोड़-तोड़ का खेल शुरू है,अंदरखाने ही सही। कहीं गठबंधन का जुगाड़ लगाया जा रहा है तो कहीं एकला चलो की नीति बन रही है। खैर यह सब तो अभी चुनावों तक जारी रहेगा लेकिन इसी बीच यूपी की राजनीति में बड़े बदलाव के संकेत मिलते दिखाई दे रहे हैं।

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दरअसल जिस तरह योगी सरकार में उप मुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य ने सपा के बागी और समाजवादी सेक्युलर मोर्चा बनाकर सपा,बसपा और बीजेपी के सरदर्द बने शिवपाल यादव को ऑफर दिया उससे तो यही लगता है। जी हां आज एक कार्यक्रम के दौरान केशव ने शिवपाल सिंह यादव को ऑफर देने के लहजे में बोलते हुए कहा कि शिवपाल चाहें तो बीजेपी में अपने दल का विलय कर लें। वह गठबंधन के बाबत बोल रहे थे।इसी बीच शिवपाल के लिए यह ऑफर देते हुए उन्होंने कहा कि बीजेपी गठबंधन किसी भी दल से नही करेगी लेकिन शिवपाल चाहें तो अपने दल का विलय कर लें,उनका हम स्वागत करेंगे। केशव का यह बयान कई मायनों में अहम है। इस बयान से शिवपाल की ताकत का न सिर्फ अंदाज़ हो जाता है बल्कि यह भी माना जा रहा है कि सपा के खिलाफ शिवपाल अगर बीजेपी के पाले आ गए तो नतीजे चौंकाने वाले भी आ सकते हैं। खैर शिवपाल की तरफ से अभी कोई जवाब नही आया है लेकिन अगर वह इस ऑफर को स्वीकारेंगे तो इतना तय है कि यूपी की राजनीति में नया मोड़ आएगा।

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