राजनीति

आखिर क्यों रामदेव को कहना पड़ा कि नही करूंगा बीजेपी का प्रचार ?

2014 के चुनावों से पहले योग गुरु बाबा रामदेव बीजेपी की तरफ से घोषित पीएम पद के उम्मीदवार नरेंद्र मोदी का जमकर बखान करते थे। कई वादे भी किए। मजबूत इरादे भी दिखाए थे। मोदी के साथ कई मंच पर स्वाभिमान जगाते भी नजर आए थे। हालांकि अब वही रामदेव अब पीछे हटते नजर आ रहे हैं। एक समाचार चैनल के कार्यक्रम में उन्होंने स्पष्ट कर दिया कि अब वह बीजेपी के पक्ष में प्रचार कतई नही करेंगे। रामदेव की यह बातें सुर्खियों में छा गई। इज़के अलावा उन्होंने चेतावनी देने के अंदाज़ में यह भी कह दिया कि अगर महंगाई और पेट्रोलियम उत्पादों पर नियंत्रण न पाया गया तो इसका नुकसान बीजेपी को उठाना पड़ सकता है।

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अब ऐसे में सवाल है कि आखिर इन चार सालों में ऐसा क्या हो गया कि रामदेव का बीजेपी से मोहभंग हो गया। इसका जवाब तलाशने की कोशिश करें तो एक ही बात समझ आती है। वह बात है 2014 के चुनावों में रामदेव के बीजेपी के पक्ष में किये वादे। यह वादे महज बातें साबित हुई। न काले धन का कुछ हुआ, न भ्रष्टाचार के मुद्दे पर मोदी सरकार की उपलब्धि रही, न एफडीआई रोक सके न ही पेट्रोल डीजल की कीमतों पर ही नियंत्रण लगा सकी। ऐसे में पिछले दिनों जब तेल की कीमतों में भारी इज़ाफ़ा हुआ तो लोग सोशल मीडिया पर रामदेव के पुराने बयानों को याद दिलाने लगे। उनसे जवाब मांगने लगे। यहां तक कि उनपर जोक और मिम्स भी बनाये गए। यही वजह रही कि रामदेव को यहां अपनी छवि और पतंजलि की चिंता हुई। इसी के बाद शायद रामदेव बीजेपी से छिटकने लगे और अंततः उन्होंने किसी भी दल को समर्थन देने से मना कर दिया।

Vijay Rai
Human by Birth,Hindu by Religion,Indian by Nationality,Politics is my choice,journalism-my passion.

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