राजनीति

यह दो देश कर रहे बहुत बड़ा सैन्य अभ्यास, हर आंकड़ा करेगा हैरान

दुनिया के अलग-अलग देशों की सेनाएं आपसी सहयोग से शांति और स्थिरता के लिए प्रयासरत रहती हैं। साथ ही समय-समय पर सैन्य अभ्यास भी करती हैं लेकिन जिस तरह इस बार रूस और चीन की सेनाएं जमीन से लेकर आसमान तक में अभ्यास के लिए उतरी हैं वह देखने,सुनने और पढ़ने लायक है। अब इसमें यह सवाल उठता है कि आखिर ऐसा इस अभ्यास में खास क्या है। इस सवाल का जवाब है इस सैन्य अभ्यास में शामिल सैनिकों, युद्धक विमानों और सैन्य साजो सामान के आंकड़े इतने बड़े हैं कि हैरान होना बनता भी है।

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अब आइये आपको बताएं कि यह अभ्यास कहाँ हो रहा है,नाम क्या है और आंकड़ें क्या कुछ हैं। इस अभ्यास में चीन, रूस और मंगोलिया की सेनाएं साथ हैं। इसे नाम दिया गया है वोस्टोक 2018, रूस के रक्षा मंत्रालय के मुताबिक पूर्वी साइबेरिया में यह अभ्यास 11 से 17 सितंबर तक चलेगा। इसमें रूसी सेना की कई डिवीजनें, उत्तरी बेड़ा और प्रशांत बेड़ा जैसे समूह शामिल है। खास बात यह है कि इसमें रूस के 3 लाख सैनिक, 36 हजार टैंक, 1000 से ज्यादा विमान, 36000 लड़ाकू वाहन और 80 युद्धपोत शामिल हो रहे हैं। रूस वोस्टोक 2018 के जरिए इस्कैंडेर मिसाइल, टी-80 और टी-90 टैंक के साथ एसयू-34 और एसयू-35 लड़ाकू विमानों का प्रदर्शन करेगा। चीन के सैनिकों और साजो सामान की बात करें तो इस अभ्यास में तकरीबन 3000 चीनी सैनिक भाग लेंगे।

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इस अभ्यास को लेकर नाटो ने कड़ी आपत्ति भी जताई है हालांकि इसका प्रभाव अभ्यास पर पड़ता नही दिख रहा है। इस सैनिक अभ्यास का मकसद एक दूसरे से सैन्य सहयोग बढ़ाने, युद्ध की तैयारियां करने, नई तकनीकों से लैस होने जैसी कई अन्य बातें शामिल हैं।

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Vijay Rai
Human by Birth,Hindu by Religion,Indian by Nationality,Politics is my choice,journalism-my passion.

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