पाकिस्तान में सत्ता जरूर बदल गई लेकिन नियत और नियति में कोई परिवर्तन देखने को नही मिल रहा है। यही वजह है कि अब अमेरिका ने फिर पाक को आंख दिखाते हुए बड़ा झटका दिया है। इमरान खान की चुनौतियां पाक में कम होने का नाम नही ले रही हैं वहीं अमेरिका से उसके रिश्ते में भी खटास आती दिखाई दे रही है।

हालाँकि यह कोई पहली बार नही है जब अमेरिका ने पाक को इस तरह का झटका दिया है और खरी खरी सुनाई है। अर्थव्यवस्था के मोर्चे पर पहले से चुनौतियों का सामना कर रहे पाक के लिए इस नाजुक वक़्त में अमेरिका का साथ सबसे जरूरी था क्योंकि वही हमेशा उसका तारणहार बना है।

अमेरिका से आई खबर के मुताबिक ट्रम्प प्रशासन ने पाक को दी जाने वाली 30 करोड़ डॉलर यानि तकरीबन 2100 करोड़ की सहायता राशि रद्द करने का एलान किया है। इज़के अलावा अमेरिका ने यह भी साफ किया है कि पाक का आतंक के खिलाफ रवैया नही बदला है और यह बदस्तूर जारी है। ऐसे में मदद नही दी जा सकती है। इससे पहले भी ट्रम्प प्रशासन पाक को दी जाने वाली 50 करोड़ डॉलर की सहायता रद्द कर चुका है।

पाक में सत्ता बदलने के बाद अमेरिका का यह पहला बड़ा फैसला है जो नई सरकार के लिए मुसीबत बन सकता है। इमरान के लिए यह मुसीबत आमंत्रित है। ऐसा इसलिए क्योंकि इमरान के शपथ ग्रहण के बाद अमेरिकी विदेश मंत्री ने उनसे फ़ोन पर बात की थी। जिसमे उन्होंने पाक से आतंकवाद पर लगाम कसने की बात कही लेकिन इमरान ने इसका विरोध किया और आतंकवाद को शह देने के आरोपों को नकारते हुए उल्टे अमेरिका को धमका बैठे। ऐसे में अमेरिका द्वारा लगी यह रोक पाक के लिए न सिर्फ बड़ा घाटा साबित हो सकती है बल्कि उसकी खराब अर्थव्यवस्था के लिए ताबूत में आखिरी कील का काम भी कर सकती है।