भारत की राजनीति में यह साल काफी गहमागहमी भरा है। कांग्रेस जहां राहुल और क्षेत्रीय दलों के गठबंधन भरोसे 2019 के लोकसभा चुनाव में अपनी वैतरणी पार लगाने की तैयारी में लगी है वहीं बीजेपी अध्यक्ष अमित शाह और पीएम नरेंद्र मोदी के चेहरे भरोसे एनडीए भी जीत का ख्वाब देखती और सपने बुनती नजर आ रही है।

2019 में बेशक अभी साल भर से ज्यादा का वक़्त बाकी है लेकिन तैयारियों को अमली जामा पहनाने की कवायद अभी से शुरू हो गई है। आरोप-प्रत्यारोप के बीच एक दूसरे को सर्वश्रेष्ठ साबित करने की होड़ लग चुकी है। हालांकि इसी बीच देश का मूड, बुद्धिजीवियों का आकलन, युवाओं का साथ किसके पक्ष में है यह भी समझना जरूरी है। इन सब के बीच एक ऐसा सर्वे चल रहा है जो 2019 की तस्वीर को बहुत हद तक साफ कर देगा। 


आइये अब आपको बता ही दें कि क्या है यह सर्वे और कौन करा रहा है। साथ ही हम आपको यह भी बता दें कि किसके पक्ष में और कौन से मुद्दों के पक्ष में जाता दिखाई दे रहा है यह सर्वे? यह सब कुछ हम आपको बताएंगे लेकिन इससे पहले आपको यह बता दें कि कौन है इस सर्वे का सर्वेसर्वा, मतलब इज़के पीछे किसका दिमाग है।

यह दिमाग है राजनीति के आधुनिक चाणक्य कहे जाने वाले प्रशांत किशोर का। यह वही प्रशांत किशोर हैं जिन्होंने 2014 में बीजेपी की जीत में अहम भूमिका निभाई थी, 2015 में महागठबंधन की सरकार बनाई थी और पंजाब में कैप्टेन अमरिंदर सिंह की जीत के पीछे की वजह थे। हालांकि यूपी में उनका और अखिलेश-राहुल का साथ पसंद नही आया और यही उनकी एकमात्र असफलता है। इन सब बातों के बीच अब एक बार फिर पीके यानि प्रशांत किशोर एक्टिव हैं साथ ही एक्टिव है सैकड़ों प्रोफेशनल युवाओं की टीम जो भारत के नागरिकों का मूड भांपने में लगी है।


इस आकलन के लिए एक कार्यक्रम या यूं कहें डिजिटल मीडिया का सहारा लिया जा रहा है। इससे लोग तेज़ी से जुड़ भी रहे हैं। खुद अपनी प्राथमिकता के मुद्दे चुन रहे हैं और अपने पसंदीदा नेता को भी चुनने के साथ बता भी रहे हैं। इज़के लिए एक फोरम बनाया गया है। नाम है नेशनल एजेंडा फोरम। इज़के माध्यम से करोड़ों लोग जुड़ चुके हैं। इस फोरम के माध्यम से लोगों को अपने हिसाब से दस मुद्दे चुनने को कहा जाता है। जिसमे स्वास्थ्य,शिक्षा जैसे कई अन्य मुद्दे हैं। इज़के बाद उन्हें अपने मन माफिक नेता को चुनने और जोड़ने की छूट है।

इसमे वर्तमान पीएम मोदी, राहुल गांधी, अखिलेश यादव, अरविंद केजरीवाल, ममता बनर्जी जैसे कई नेताओं का नाम शामिल है। इन नामों में या मुद्दों में कोई नापसंद हो तो आप खुद इसमे नाम और मुद्दे जोड़ भी सकते हैं। खैर अब आपको बताए कि अब तक इस सर्वे में पीएम मोदी 42 फीसदी वोटों के साथ टॉप पर हैं।

वहीं राहुल गांधी 19 फीसदी वोटों के साथ दूसरे पर हैं। ऐसे में न सिर्फ यह पीके की अगली रणनीति के लिहाज से हैं है बल्कि देश का मूड बताने को काफी है। अगर यह सर्वे ऐसा ही रहा तो यह तय है कि 2019 में भी मोदी सरकार ही सत्ता में लौटेगी।