मोदी सरकार तो छोड़ो फ्रांस ने भी राहुल के बयान को झूठ बताया, हुई जगहंसाई

पहले सदन में रक्षा मंत्री निर्मला सीतारमण ने उन्हें जम कर खरी-खरी सुनाई उसके बाद शाम के वक़्त फ्रांस सरकार ने बाकायदा एक प्रेस रिलीज और बयान जारी कर राहुल के आरोपों का खंडन कर दिया। साथ ही यह भी कहा कि 2008 से लागू गोपनीयता कानून 2018 में भी है और फ्रांस के राष्ट्रपति ने राहुल को इससे संबंधित कोई जानकारी नही दी है।

ATTENTION EDITORS - THIS PICTURE IS 10 OF 22 TO ACCOMPANY SPECIAL REPORT INDIA/GANDHI. SEARCH FOR KEYWORD "GANDHI" TO SEE ALL IMAGES PXP01-22. Rahul Gandhi, a lawmaker and the son of India's ruling Congress party chief Sonia Gandhi, watches an ICC Cricket World Cup semi-final match in Mohali in this March 30, 2011 file photo. Nothing like the Gandhi family political franchise exists in the world today. A member of the family has essentially run India for two-thirds of the period since independence from Britain in 1947. To match Special Report INDIA/GANDHI REUTERS/Raveendran/Pool/Files (INDIA - Tags: POLITICS)

भारतीय राजनीति और संसद के इतिहास में आज का दिन खास था। विपक्ष जहां सरकार के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव लाकर सरकार को सकते में लाने की कोशिश की वहीं सरकार को भी यह मौका मिला कि विपक्ष की मांग पर चर्चा की जाए और इसी बहाने अपनी उपलब्धियों को भी बताया जाए। नफा नुकसान की बात करें तो सरकार पहले ही निश्चिन्त और फायदे में थी क्योंकि आंकड़ों के खेल में इस प्रस्ताव से सरकार को कोई खतरा नही था। विपक्ष भी यह जानता था। इज़के बावजूद यह कदम समझ से परे रहा। खैर विपक्ष को अपनी एकजुटता दिखाने का शायद ही इससे अच्छा मंच मिलता और शायद ही सरकार को अपने सहयोगियों और विरोधियों की ताकत का अंदाज़ा होता।


अब बात करते हैं आज जो कुछ सदन में हुआ उसके बारे में। सदन की कार्रवाई की शुरुआत में जबलपुर से बीजेपी सांसद ने सरकार की तरफ से मोर्चा संभाला और जम कर विपक्ष पर बरसे। गरमागरमी और गहमागहमी से भरे माहौल में कई बार तीखी नोकझोक और हो हल्ला भी देखने और सुनने को मिला लेकिन इन सब के बीच पूरी महफ़िल राहुल गांधी लूट ले गए। सोशल मीडिया और मीडिया में वह आज संसद में दिए अपने भाषण की वजह से छा गए। ऐसा हो भी क्यों न आज उन्हें 15 मिनट का वक़्त भी मिला और श्रोता में पीएम मोदी भी उपस्थित जो थे। हालांकि राहुल के इस भाषण को अपने-अपने नजरिये से देखा गया लेकिन इसके बावजूद कुल मिलाकर कहें तो बिना तथ्य और सबूत के राहुल के तगड़े हमले ने बीजेपी सरकार के लिए स्थिति को थोड़ी असहज तो बना ही दिया।

राहुल अपने भाषण के दौरान अपना पूरा ध्यान सरकार के बदले पीएम मोदी पर निजी हमले करने में व्यस्त दिखे। आत्मविश्वास से लबरेज नजर आए लेकिन बेबुनियाद यानि बिना प्रमाण और तथ्य के मुद्दों को उठा कर अपनी किरकिरी करा बैठे। राहुल द्वारा मोदी सरकार पर फ्रांस से राफेल डील में गड़बड़ी को लेकर बोलना भारी पड़ गया।

पहले सदन में रक्षा मंत्री निर्मला सीतारमण ने उन्हें जम कर खरी-खरी सुनाई उसके बाद शाम के वक़्त फ्रांस सरकार ने बाकायदा एक प्रेस रिलीज और बयान जारी कर राहुल के आरोपों का खंडन कर दिया। साथ ही यह भी कहा कि 2008 से लागू गोपनीयता कानून 2018 में भी है और फ्रांस के राष्ट्रपति ने राहुल को इससे संबंधित कोई जानकारी नही दी है। इज़के अलावा आंख मारने और खुद को पप्पू कहने को लेकर भी राहुल आज चर्चा में छाए हुए हैं। बाकी पीएम मोदी का विरोध और फिर गले मिलने की अदा ने लोगों का दिल तो जीत ही लिया लेकिन इस पैकेजिंग के बावजूद उनकी जगहंसाई फिर हो गई।

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