अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प अपने विवादित बयानों और फैसलों की वजह से चर्चा में रहते हैं। कभी अमेरिका फर्स्ट की नीति, कभी ईरान और उत्तर कोरिया को धमकी तो कभी शरणार्थियों के खिलाफ सख्त फैसले ट्रम्प की पहचान बन चुके हैं।

इसी क्रम में एक बार फिर ट्रम्प ने कुछ ऐसा कहा है जिसे कहने के लिए न सिर्फ सख्त होना बहुत जरूरी है बल्कि यह उनके कठोर फैसले लेने की क्षमता और योग्यता को भी जाहिर करता है। ट्रम्प का यह बयान ऐसे समय मे आया है जब शरणार्थियों को उनके परिवार से अलग करने के फैसले को उन्हें वापस लेना पड़ा है और इसका विरोध खुद उनकी पत्नी मेलेनिया ट्रम्प ने भी किया है।


ट्रम्प ने इस फैसले को वापस लेते हुए अपने एक बयान में कहा कि अमेरिका में ऐसे लोगों का स्वागत है जो अमेरिका में अपने टैलेंट के बूते कुछ हासिल करना चाहते हैं। वहीं उन्होंने यह भी साफ और सख्त अंदाज़ में कहा कि ऐसे लोगों की अमेरिका को बिल्कुल जरूरत नही जिन्हें खुद उनका ही देश कूड़ा समझता है।

ट्रम्प ने अपने बयान में अमेरिका के दक्षिणी बॉर्डर से सबसे ज्यादा ड्रग्स अमेरिका में आता है और आपराधिक घटनाएं भी बढ़ी हैं। उन्होंने इसके पक्ष में सरकारी रिपोर्ट का हवाला भी दिया। ट्रम्प के इस बयान से साफ है कि बेशक उन्होंने अपना फैसला वापस ले लिया लेकिन इसकी टीस उनके मन मे कहीं न कहीं है। इसके अलावा उनके लिए अमेरिका फर्स्ट की नीति ही सबसे पहले है बेशक इसकी वजह से विश्व विरादरी उनसे नाराज हो जाए।