29 मार्च को गुजरात के भावनगर में एक दलित युवक की बेरहमी से हत्या मामले में नया खुलासा हुआ है। इस युवक का नाम प्रदीप राठौड़ था। पहले मीडिया में प्रचारित खबरों में बताया गया था कि युवक की हत्या दबंगों ने इसलिए कर दी थी क्योंकि उसने एक घोड़ा खरीदा था। रिपोर्ट की मानें तो हत्या की वजह दबंगों का दलित युवक द्वारा घोड़ा खरीदना रास न आना था।

हालांकि इसमें अब जो खुलासा हुआ है वह न सिर्फ मामले को अलग दिशा दे गया है बल्कि जो दुष्प्रचार लगातार जारी था उसकी पोल भी खोल गया है। इस मामले में संदेह पहले दिन से था क्योंकि जो वजह सामने आई थी वह किसी के गले नही उत्तर रही थी।

साथ ही मीडिया ने भी बिना दावे की जांच किये इसे खूब चटकारे लेकर चलाया, ऐसे में सवाल मीडिया पर भी उठने लगे हैं। खास कर इस हत्याकांड को दलित उत्पीड़न से जोड़ने और गुजरात सरकार के साथ बीजेपी को बदनाम करने की भी भरसक कोशिश हुई लेकिन अब सब साफ हो गया है।

गुजरात पुलिस ने आज इस मामले में खुलासा करते हुए बताया कि यह हत्या महज घोड़े खरीदने और उसपर बैठने की वजह से नही हुई है। इस हत्याकांड की जांच के दौरान तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया गया है। इन आरोपियों से हुई पूछताछ के बिनाह पर जिला पुलिस अधीक्षक प्रवीण मल ने बयान जारी करते हुए कहा कि एफआईआर में कहा गया था कि दलित युवक की हत्या घोड़ा पालने की वजह से हुई है जबकि अब तक हुई जांच में ऐसा कुछ भी सामने नही आया है।

इसके पीछे जो वजह सामने निकल कर आरही है उसके मुताबिक युवक घोड़े पर सवारी करने के दौरान लड़कियों को छेड़ा करता था। युवक को मना किया गया और विवाद हुआ लेकिन वह नही माना। इसके बाद कुछ लोगों को उसका ऐसा करना नागवार गुजरा और इन्ही में से कुछ लोगों ने उसकी हत्या कर दी। इसमे उच्च जाति या दलित के बीच विवाद की बात कहां से आई अभी तक यह समझ से परे है? हालांकि इस जघन्य हत्याकांड के दोषियों पर कड़ी कार्रवाई होनी चाहिए लवकिं जिक्स तरह झूठ परोसा गया उसपर भी संजीदगी से सोचने की जरूरत है।