मध्यप्रदेश में किसके भरोसे कांग्रेस?

मध्यप्रदेश में इस साल विधानसभा चुनाव होने हैं। कांग्रेस यहां उपचुनाव में जीत हासिल कर गदगद है। उसे भविष्य सुनहरा दिख रहा है। कांग्रेस की तरफ से कई चेहरे चुनाव से पहले ही एक्टिव दिख रहे हैं। हालांकि अभी तक यह स्पष्ट नही है कि कांग्रेस किसी खास चेहरे पर चुनाव लड़ेगी या शिवराज के राज को हटाने के लिए बिना चेहरे के उतरेगी।

शिवराज सिंह चौहान काफी समय से सत्ता में हैं ऐसे में सत्ता विरोधी लहर का असर उपचुनाव जैसी रही तो शाह मोदी के लिए सरदर्द साबित होगी। हालांकि खुश होने की बात कांग्रेस के लिए भी नही है क्योंकि वहां कई चेहरे हैं और प्राथमिकता को लेकर विवाद उभर सकते हैं।


अभी तक अगर राज्य में कांग्रेस के संगठन और चेहरे के साथ चुनावी सक्रियता की बात करें तो युवा नेता और सांसद ज्योतिरादित्य सिंधिया काफी सक्रिय हैं। अक्सर वह शिवराज-शाह-मोदी के खिलाफ खुल कर बोलते नजर आते हैं। इसके अलावा कमलनाथ भी सक्रिय हैं। दिग्विजय सिंह पार्टी की तरफ से एमपी के सीएम रह चुके हैं। हालांकि अभी कुछ समय से वह शांत हैं और फिलहाल पार्टी महासचिव पद पर हैं। ऐसे में कांग्रेस में यही सबसे बड़ी दिक्कत सामने होगी कि चेहरा किसी युवा यानि सिंधिया को बनाया जाए या अनुभवी नेताओं को बागडोर सौंपी जाए?

हालांकि राहुल के नेतृत्व में यह संभावना प्रबल है कि पार्टी उन्ही के नाम पर चुनाव लड़ेगी। कोई चेहरा सामने नही रखा जाएगा और जीत के बाद सिंधिया को जिम्मेदारी सौंपी जा सकती है। हालांकि शाह और शिवराज के अलावा आखिरी वक्त में सक्रिय होने वाले पीएम मोदी के रहते जीत इतनी आसानी से नाहीं मिलेगी।

Leave a Comment

Your email address will not be published.