क्या हुआ तेरा वादा, यह मोदी से क्यों नही पूछता विपक्ष?

भारत के लोकतंत्र में जिस तरह 2014 में मोदी सरकार पूर्ण बहुमत से सत्ता में आई और विपक्ष सिमटता चला गया वैसे में न सिर्फ सरकार निरंकुश हुई बल्कि विपक्ष भी कमजोर ही हुआ।

बीजेपी की सरकार सत्ता में आये चार साल बीत गए। इस दौरान क्या काम हुए, किस क्षेत्र में विकास हुआ और चुनाव से पहले किये कितने वादे पूरे हुए इसको लेकर न कहीं कोई आंकड़ा है न कभी किसी ने जानकारी मांगी, न यह मुद्दा उठा और न सरकार ने कभी यह बताने की जहमत उठाई। अब एक साल बाद फिर से चुनाव होने हैं। तमाम कयास अभी से लगाये जा रहे हैं। मोदी जीतेंगे या राहुल पीएम बनेंगे, बीजेपी रहेगी या कांग्रेस वापसी करेगी लेकिन इन सब के बीच जो मुख्य बात है कि क्या हुआ तेरा वादा वह नगण्य है? खैर विपक्ष की क्या ही बात की जाए न क्षमता दिख रही है, न संख्याबल न ही सही मुद्दों को उठाने की ताकत। बस एक सपना है वह है जीत कैसे हासिल हो।


लोकतंत्र की खूबसूरती पक्ष और विपक्ष से ही है। लेकिन भारत के लोकतंत्र में जिस तरह 2014 में मोदी सरकार पूर्ण बहुमत से सत्ता में आई और विपक्ष सिमटता चला गया वैसे में न सिर्फ सरकार निरंकुश हुई बल्कि विपक्ष भी कमजोर ही हुआ। बात केंद्र की करें या राज्य में होने वाले चुनावों की मुख्य मुद्दे गौण हैं। विपक्ष भी यह जानने में दिलचस्पी नही दिखा रहा कि 2014 चुनाव के दौरान जारी घोषणापत्र में किये वादों का क्या हुआ? आज केंद्र सरकार न्यू इंडिया का ख्वाब दिखा रही है लेकिन पुराने वादों पर बात नही कर रही और तो और हम भी बस मुंगेरी लाल के हसीन सपने देखते हुए खुश हैं। ऐसे में विपक्ष का यह उत्तरदायित्व है खास कर कांग्रेस के अगुवा राहुल गांधी का की वह इन काम की बातों पर ध्यान केंद्रित करें। शायद तभी कुछ बदलाव सत्ता पक्ष में भी आएगा और न आया तो विपक्ष में बैठी कांग्रेस को मौका मिलेगा।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *