कर्नाटक में इस साल के अंत तक विधानसभा चुनाव होने हैं। हालांकि इसकी तैयारी में राजनीतिक दल महीनों पहले से लगे हुए हैं। बीजेपी की तरफ से जहां शाह,मोदी और योगी का कर्नाटक दौरा हो चुका है वहीं कांग्रेस की तरफ से राहुल गांधी भी रैली कर चुके हैं। यह बात अलग है कि इस दौरान राहुल ने न कांग्रेस की बात की न अपनो राज्य सरकार की उपलब्धियां बताई। इस दौरन उनका पूरा भाषण मोदी विरोध और केंद्र के साथ बीजेपी की नाकामियों पर केंद्रित रहा था।


ऐसे ने यह माना जा रहा है कि अपने पहले दौरे से ही मंदिर,दरगाह और चर्च यात्रा शुरू करने वाले कांग्रेस अध्यक्ष के पास मुद्दों का अभाव वहां भी आड़े आएगा। कुल मिलाकर कर्नाटक में भी मुद्दों की कमी होगी और हिंदुत्व का एजेंडा होगा। ऐसे में यह भी साफ है कि विरोधियों के निशाने पर रही कांग्रेस वहां भगवान भरोसे ही है। क्योंकि कर्नाटक से आ रही खबरों से ऐसा बिल्कुल नही लग रहा कि वहां की जनता भ्रष्टाचार के आरोपों में घिरी कांग्रेस सरकार को दूसरा मौका देगी। यही बीजेपी के आत्मविश्वास की वजह भी है।