कांग्रेस के अध्यक्ष राहुल गांधी यूँ तो अपने भाषणों की वजह से अक्सर चर्चा में रहते हैं लेकिन हाल के दिनों में उनकी आक्रामता देखने लायक रही है। हालांकि कई ऐसे भी मौके आये जब उन्हें उनके भाषणों, गलत तथ्यों और आंकड़ों के वजह मजाक का पात्र बनना पड़ा लेकिन समय के साथ उनमे आये बदलाव का लोहा अब तो उनके विरोधी भी मानने लगे हैं। इसी क्रम में मोदी सरकार ने जब जीएसटी विधेयक में टैक्स स्लैब तय किया तो राहुल ने अपने ही अंदाज में इसका विरोध जताया।


राहुल ने जीएसटी का विरोध करते हुए इसे गब्बर सिंह टैक्स कहा। ऐसा कहने के पीछे उनका तर्क यह था कि इस टैक्स के लगने के बाद से इसका असर लाखों लोगों के वयापार पर पड़ा है और इसके प्रतिकूल असर देखने को मिले हैं। ऐसे में यह कहीं से आम जनमानस के भलाई से जुड़ा हुआ नही है और इसमे सुधार की जरूरत है। जीएसटी पर निशाना साधते हुए उन्होंने अमित शाह के बेटे पर भी तंज कसा था। उन्होंने अमित शाह के बेटे जय शाह पर लगे आरोपों के बारे में कहा कि इस दौर में जब हर व्यापार जीएसटी से ठप है ऐसे में वह जादुई व्यापार कर रहे हैं। हालांकि चौकीदार इसपर भी मौन रहे। कुल मिलाकर देखें तो राहुल की तरफ से जीएसटी के मुद्दे पर आए इस बयान के बाद असहज स्थिति तो बन ही गई थी।