बॉलीवुड का जिक्र हो और निर्माता निर्देशक मनमोहन देसाई का जिक्र न हो ऐसा हो ही नही सकता है। मसाला मैन के नाम से मशहूर मनमोहन को मुम्बई की बड़ी हवेलियां कभी रास नही आई। यूँ तो उनके पास अपना आलीशान घर था लेकिन उन्होंने ताउम्र अपने आप को भीड़ से जोड़े रखा और आम लोगों की बस्ती कही जाने वाली खेतवाड़ी में रहना पसंद किया। उनके शौक बच्चोने वाले थे उन्हें क्रिकेट खेलना, पतंग उड़ाना, लट्टू घूमना भाता था। अब ऐसे में कोई आत्महत्या कैसे कर सकता है यह पहेली ही तो है?

3 मार्च 1991 को उन्होंने अपनी बलकनिनसे कूदकर आत्महत्या कर ली थी। उनकी पत्नी के निधन के बाद उन्हें नंदा से प्यार हुआ, पहली पत्नी के बेटे केतन ने भी इस रिश्ते को सहर्ष स्वीकार किया। उन्होंने कई सफल फिल्मों का निर्देशन किया। हालांकि कुछ फिल्में नही चली और बाद के दिनों में कमर दर्द से परेशान रहे देसाई के लिए यही मौत की वजह भी बनी ऐसा उनके नजदीकी मानते हैं। देसाई ने मौत की राह क्यों चुनी इसलिए हम कह सकते हैं कि पहेली है क्योंकि आज तक इस बारे में कुछ खास निकलकर सामने नही आया।