दिल्ली मेट्रो यूँ तो दिल्ली की सुगम यातयात व्यवस्था की पहचान है लेकिन हाल के दिनों में जिस तरीके से दिल्ली मेट्रो स्टेशन पर ट्रेन के सामने कूद कर जान देने की घटनाएं हो रही है उससे तो यही लग रहा है कि किराया बढ़ने के बाद सुर्खियों में अगर मेट्रो किसी वजह से है तो वह है आत्महत्या जैसी घटनाओं की वजह से, अभी हाल ही कि घटना है जब एक बुर्जुर्ग नए बीमारी से पीड़ित होकर दिल्ली मेट्रो के सामने कूदकर अपनी जान दे दी। यह तो महज एक उदाहरण है लेकिन मामले ऐसे और भी हैं जो लगातार बढ़ रहे हैं।

दिल्ली मेट्रो में जागरूकता या सुरक्षा का कोई अभाव नही है लेकिन जब तेज गति से आती मेट्रो के सामने कोई यही सोच कर खुद जाए कि उसे जान हो देनी है तो शायद इसमे कुछ नही किया जा सकता। हाल के समय मे खास कर पिछले एक साल में कई ऐसे मामले आये जब प्यार से लेकर नौकरी, और घर से लेकर बाहर तक कि समस्याओं से घिरे लोगों के जान देने की घटनाएं सामने आई। ऐसी घटनाओं को रोकने के लिए जागरूकता के साथ समस्याओं से लड़ने की जरूरत है। खुद को मजबूत करने की जरूरत है।