भारतीय क्रिकेट टीम में यूँ तो एक से एक खिलाड़ी हैं जो कहीं से किसी से कम नही हैं लेकिन इनमें से कुछ खिलाड़ी ऐसे हैं जिनकी एक अलग पहचान है। इन्ही खिलाड़ियों में से एक हैं सुरेश रैना। रैना एक मध्यमवर्गीय परिवार से आते हैं। उन्होंने बहुत ही संघर्ष भरे दौर को जीत कर आज सफलता का स्वाद चखा है लेकिन क्या आप जानते हैं मैदान में चुस्त और दुरुस्त फील्डर और बल्लेबाज रैना के जीवन मे एक वक्त ऐसा भी था जब हॉस्टल में साथियों की हरकतों से परेशान होकर उनके मन मे आत्महत्या का खयाल आने लग गया था।

रैना ने यह बातें एक कार्यक्रम के दौरान मीडिया से साझा की थी। रैना ने बताया था कि वह अपने कोच के पसंदीदा खिलाड़ियों में से एक थी जिसकी वजह से कई अन्य साथी उनसे खार खाये बैठे रहते थे और मौका मिलते ही उन्हें सताने लगते थे। सताने के लिए अलग अलग तरीके अपनाए गए जिनमे चेहरे पर पिशाब करने से लेकर ठंड के दिनों में रात में ठंडे पानी से नहलाना, दूध के ग्लास में घांस डाल देना, पिटाई करने जैसे काम शामिल थे। हालांकि रैना इन सब से लड़ते रहे जूझते रहे और अपने लक्ष्य से नही भटके। कुछ समय के लिए वह तंग आकर डिप्रेशन का शिकार जरूर हुए और आत्महत्या जैसे गंभीर कदम को उठाने की बात सोचने लगे लेकिन जल्द ही उन्होंने अपने गुस्से को अपने खेल में झोंक दिया और आज नतीजे सब के सामने हैं।