बिहार के एक डीएम की आत्महत्या का मामला पिछले साल सुर्खियों में रहा था। यह होना स्वाभाविक इसलिए था क्योंकि एक तो वह एक जिले के डीएम थे और दूसरी बात यह कि जिस बिहार के विद्यार्थी आईएएस,आईपीएस न बन पाने की वजह से जान दे देते हैं वहां मुकेश पांडे नाम का इस बड़े ओहदे पर रिहते हुए कुछ इस तरह असमय जाना सब को झकझोर गया।

मुकेश पांडेय बिहार के बक्सर जिले के डीएम के पद पर तैनात थे। यह डीएम यानी जिला पदाधिकारी के रूप में उनकी पहली पोस्टिंग थी। इससे पहले वह अलग-अलग पदों पर कार्य करते हुए अपनी प्रतिभा का लोहा मनवा चुके थे। खुशदिल और नेक इंसान थे फिर ऐसा क्या हुआ जो अचानक वह बिहार से निकले और आत्महत्या जैसे गम्भीर कदम के लिए राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली को चुना? अलग-अलग जगहों पर गए और जाने से पहले वीडियो के रूप में अपनी मनः स्थित्ति को समझाने का प्रयास भी कर गए। इस वीडियो को बनाने के बाद वह गाज़ियाबाद गए और ट्रेन से कट कर अपनी जान दे दी।

मुकेश पांडेय का बनाया यह वीडियो कुछ घंटों में वायरल हो गया। इस वीडियो से वजह भी स्पष्ट हो गई कि वह पारिवारिक कलह से परेशान थे। न वह जन्म देने वाला माता पिता को अपनी स्थित्ति बता सके न जीवन भर साथ देने का वादा कर उनके साथ शादी के बंधन में बंधी अपनी पत्नी को, न वह खुद को न ही परिवार को सही या गलत बता सके, इस मैन के बोझ को कम करने का बस उन्हें यही एक तरीका समझ आया। हालांकि एक युवा आईएएस का ऐसे जाने कहीं से सुखद संकेत नही, न ही ऐसे पारिवारिक विवाद ही सही कह जा सकते हैं जिसकी कीमत किसी को जान देकर चुकानी पड़े।