क्रिकेट एक ऐसा खेल है जो न सिर्फ भारत बल्कि पूरी दुनिया मे लोकप्रिय है। इसके प्रति दीवानगी जग जाहिर है। ऐसे में इस खेल का खिलाड़ी न सिर्फ लोकप्रिय होता है बल्कि शायद ही उसे किसी चीज की कमी होती है। वह भी तब जब कोई खिलाड़ी अपने करियर के शीर्ष पर रहे और उसकी रैंकिंग दुनिया मे नंबर एक कि रहे तो कुछ कहना बेमानी से लगता है। लेकिन आज जिस क्रिकेटर के बारे में हम आपको बताने जा रहे हैं कभी वह नंबर एक रहते हुए जीने की इच्छा त्याग चुका था। उसके मन मे आत्महत्या की बात आने लगी थी।

यह क्रिकेटर हैं इंग्लैंड के तेज गेंदबाज रहे स्टीव हर्मिसन और इसका खुलासा उन्होंने खुद अपनी आत्मकथा स्पीड डेमंस में किया है। वह लिखते हैं कि यह बात 2004 की है जब इंग्लैंड की टीम दक्षिण अफ्रीका के दौरे पर थी और लंबे समय तक विदेशी दौरे पर रहने की वजह से वह काफी में तनाव में थे। इसी दौरान उनके मन मे आत्महत्या की बात आने लगी थी। यह समस्या स्वदेश लौटने के बाद भी ठीक नही हुई, हालांकि यह बात उन्होंने छुपाई नही और उचित डॉक्टरी सलाह ली जिसके बाद वह ठीक महसूस करने लगे थे। आश्चर्यजनक बात यह है कि यही समय स्टीव के करियर का बेस्ट दौर था और उनकी रैंकिंग नंबर 1 की थी। ऐसे में यह कहना गलत नही की हर तरह से परिपूर्ण व्यक्ति भी अवसाद का शिकार हो सकता है।