जम्मू कश्मीर में हालात बद से बदतर हो चुके हैं, आतंकी घटनाएं दिनों दिन बढ़ती जा रही हैं। हर दिन सेना के जवान शहीद हो रहे हैं लेकिन इसके बावजूद केंद्र सरकार की तरफ से अभी तक किसी बड़ी कार्रवाई का कोई संकेत नही मिला है। हर बार की तरह इस बार भी कड़ी निंदा कर दी गई और मीडिया के सामने मुहतोड़ जवाब देने की बात दोहरा दी गई। ऐसे में सवाल है क्या है वह तरीका जिससे पाक से निपटा जाएगा और यह शुभ घड़ी कब आएगी?

इन घटनाओं के बीच आज जो सबसे बड़ी खबर अमेरिकी खुफिया विभाग के प्रमुख डैन कोट्स की तरफ से आई है वह और चिंता बढ़ाने वाली है। इस रिपोर्ट या यूं कहें उनके बयान के बाद जहां यह बिल्कुल स्पष्ट है कि पाक के इरादे नापाक हैं और आने वाले समय मे वह आतंक फैलाने की पूरी तैयारी में लगा है वहीं इससे निपटने की भारत की योजना पर भी सवालिया निशान लगता नजर आ रहा है। 

कोट्स ने अपने बयान में यह भी कहा कि पाकिस्तान छोटे हथियारों को बनाने में लगा है जिसका इस्तेमाल भारत के खिलाफ किया जा सकता है। इनमे परमाणु हथियार भी शामिल हैं। इसके अलावा यह हथियार पाक समर्थित आतंकी संगठनों द्वारा भी भारत मे बड़े पैमाने पर अशांति फैलाने के लिए किया जा सकता है। कोट्स का यह बयान अमेरिकी सांसदों के साथ हुई बैठक के बाद सामने आई है।

हाल के दिनों में लगातार बढ़ती आतंकी घटनाओं और पाक के उकसाने वाले रुख के बीच यह बयान भारत की सुरक्षा के लिहाज से काफी अहम है लेकिन अभी तक भारत की तरफ से इस पर कोई प्रतिक्रिया नही आई है। न ही इनसे निपटने के सक्षम और सबल उपाय नजर आ रहे हैं। ऐसे में अगर यह बयान सच साबित होगा तो यह भारत के लिए एक गंभीर चुनौती है साथ ही हथियारों की कमी से जूझ रही सेना और खुली छूट देने की बात करने वाली सरकार के लिए चिंता का विषय है और भारत को न सिर्फ अपनी खुफिया तंत्र को मजबूत करने की जरूरत है बल्कि हथियार और साजो सामान पर भी सोचने की आवश्यकता है।