कश्मीर एक बार फिर पाकिस्तानी आतंकियों के नापाक हमले से गूंज उठा है। इस बार यह हमला हुआ राज्य की सबसे ज्यादा वीआईपी और सुरक्षित शहर कहे जाने वाले श्रीनगर एयरपोर्ट के पास स्थित बीएसएफ की 182 बटालियन के कैम्प पर। इस हमले के बाद जहां सुरक्षा इंतजामों की पोल खुलती दिख रही है वहीं पाकिस्तान आतंक का आका है और अपनी हरकतों से बाज आने को तैयार नही है यह भी साबित हो गया है।इस हमले में अभी तक तीन जवानों के घायल होने की खबर है जबकि एक आतंकी को ढेर कर दिया गया है।हमले की जिम्मेदारी आतंकी संगठन जैश ने ली है।

आपको बता दें अभी हाल ही में पाकिस्तान में घुस कर सर्जिकल स्ट्राइक को अंजाम देने के एक साल पूरे होने के अवसर पर रक्षा मंत्री निर्मला सीतारमण कश्मीर दौरे पर थीं।कई बातें कही गई, कई वादे और मजबूत इरादे की बात भी दोहराई गई।लेकिन हर दिन पाक की तरफ से होती नापाक हरकत के बाद सरकार हाई लेवल बैठक और कड़ी निंदा कर अपने कर्तव्यों की इतिश्री कर लेती है।

अब सवाल यह कि क्या अमेरिका और अन्य देशों के सामने पाकिस्तान के खिलाफ बोलने से ऐसे हमले रुकेंगे? क्या पाकिस्तान को आतंकी देश भर घोषित करने से काम हो जाएगा? क्या संयुक्त राष्ट्र में लंबे चौड़े ताली बटोरने वाले भाषण के भरोसे कश्मीर में शांति लौटेगी? हम जानते और मानते हैं कि मोदी सरकार आने के बाद कश्मीर में ऐसे हमले से निपटने को लेकर सेना को विशेष छूट दी गई है लेकिन यह भी नाकाफ़ी नजर आ रही है। ऐसे  में सरकार को यह सोचना होगा कि रोज जवानों की कुर्बानी के बाद बड़े एक्शन की जरूरत है।