राजनीति

 ​समाजवादी दंगल के पीछे पीके!

उत्तर प्रदेश में समाजवादी संग्राम अपने पुरे शबाब पर है, चाचा ने अखिलेश को पापा और पार्टी दोनों से बेदखल करवा दिया है आज अखिलेश यादव और नेताजी अलग अलग बैठक कर भावी  राजनीती के भविष्य को तय करेंगे इन सब के बीच विपक्षी पार्टियां और जनता वेट एंड वाच की स्थिति में है लेकिन पुरे मीडिया के केंद्र में आ चुके इस 6 महीने के दंगल में कई सुनी अनसुनी बातें हैं जो परदे के पीछे से हो रही हैं आज की स्थिति की स्क्रिप्ट पहले से तय थी इसकी कई वजहें भी हैं ये हम नहीं कहते, ये अखिलेश के विदेशी रणनीतिकार के ईमेल कहते हैं जो सोशल मीडिया पर तेज़ी से वायरल हो रहा है लेकिन ये इतना अहम् नहीं जितना कांग्रेस के रणनीतिकार प्रशांत किशोर हैं जी हाँ सही पढ़ा आपने पीके।

images (13)2193964809120022110..jpg

यह वही प्रशांत किशोर हैं  जो 2014 में नरेंद्र मोदी को केंद्र का सिंघासन  और 2015 में  नितीश और लालू में गठबंधन करा नितीश की बिहार में सत्ता वापसी कराइ थी अब ये वो खिलाडी हैं जो यूँ तो मीडिया और लाइमलाइट से दूर रहते हैं लेकिन इनकी प्लानिंग और नीति किसी भी पार्टी के लिए अहम् साबित हो सकती है उनके साथ जुड़े रहने वाले लोग उन्हें ‘प्लानिंग’ किशोर भी कहते हैं खैर ये तो बात हुई उनकी प्रतिभा की अब उत्तर प्रदेश की राजनीती पर वापस आते हैं जब कांग्रेस ने प्रशांत किशोर को यूपी के मैदान में उतारा तो लोग उन्हें कम आंकने की भूल करने लगे और यहाँ तक बोल गए की लोकसभा और बिहार विधानसभा चुनाव में उनका कोई योगदान नहीं था लेकिन किशोर बार-बार इस बात को सच साबित करते रहे हैं वो भी बड़ी ख़ामोशी से,उत्तर प्रदेश में कदम रखते ही प्रशांत ने पहले शिला दीक्षित को मुख्यमंत्री प्रत्याशी  घोषित कराया और उसके बाद “27 साल यूपी बेहाल” और राहुल की “किसान यात्रा” करा कर माहौल बनाया हालांकि वो बिहार के तर्ज़ पर गठबंधन भी चाहते थे लेकिन मुलायम सिंह से ना के बाद यह रणनीति फेल हो गई लेकिन अखिलेश से हाँ के बाद यह खेल शुरू हुआ और आज सपा बिखराव की स्थिति में है अखिलेश राहुल और अजित सिंह के बेटे जयंत चौधरी  की तिगड़ी लगातार संपर्क में है और युवाओं की इस राजनीती को केंद्र में लाने वाले शख्स हैं प्रशांत किशोर
बहरहाल सपा का अंजाम जो भी हो लेकिन प्रशांत किशोर ने अपना खेल बखूबी खेला  और यह तो तय हो गया की कांग्रेस सत्ता में वापस आये न आये,अखिलेश और कांग्रेस के गठजोड़ से उत्तरप्रदेश में समाजवाद रहे या जाए,सत्ता में अखिलेश की वापसी होनी लगभग तय हो गई है और आने वाले समय में पीके  की रणनीति के कई और उदहारण देखने को मिल सकते हैं

Advertisements
Vijay Rai
Human by Birth,Hindu by Religion,Indian by Nationality,Politics is my choice,journalism-my passion.

2 thoughts on “ ​समाजवादी दंगल के पीछे पीके!”

Leave a Reply

This site uses Akismet to reduce spam. Learn how your comment data is processed.